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असिस्टेंड प्रोफेसर की नौकरी छोड़ यह लड़की बनी किसान, खेती करके कमा रही है लाखों का मुनाफा

छत्तीसगढ़ के रायपुर से करीब 88 किलोमीटर दूर मुहसमूंद के बागबाहरा में रहनेवाली 27 वर्षीय वल्लरी चंद्राकर ने कंप्यूटर साइंस से एमटेक की पढ़ाई की है। वल्लरी ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई साल 2012 में पूरी कर बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अपने करियर की शुरूआत की। एक दिन छुट्टियों में जब वहअपने गांव आईं तो उसने देखा कि लोग आज भी पुराने तरीके से ही खेती कर रहे हैं जिससे उन्हें बहुत कम मुनाफा मिल रहा है. वल्लरी ने साल 2016 में अपनी नौकरी छोड़कर खेती को अपना पेशा बना लिया। उसने करीब 15 एकड़ जमीन से खेती की शुरूआत की और उस जमीन पर सब्जियां उगाना शुरू किया।

वल्लरी अपने गांव में टमाटर, सेम, खीरा, करेला, लौकी, मिर्च, बींस और शिमला मिर्च की खेती कर रही हैं. उनके खेतों में उगाई गई सब्जियां दिल्ली, भोपाल, इंदौर, उड़िसा, नागपुर और बैंगलुरु जैसे कई शहरों तक पहुंचाई जाती है। वल्लरी अपनी सब्जियों को दुबई और इजराइल तक एक्पोर्ट करने की तैयारी भी कर रही हैं। वल्लरी की टीम में शामिल 7 इंजीनियरिंग और मार्केटिंग क्षेत्रों के युवाओं ने उनके आइडिया को साकार रुप देने में अपना काफी योगदान दिया है। सब्जियों की खेती करके वल्लरी ना सिर्फ हर महीने लाखों की कमाई कर रही हैं बल्कि गांव के दूसरे लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रही हैं। वल्लरी की इस तरक्की को देखकर उनके गांवं के आस-पास के दूसरे किसान भी उनसे खासा प्रभावित हो रहे हैं। बहरहाल खेती के लिए जब वल्लरी ने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी थी तब उन्हें लोगों ने पढ़ी-लिखी बेवकूफ कहा था लेकिन वल्लरी ने खेती करके लोगों के सामने यह मिसाल कायम की है कि एक लड़की भी खेती करके लाखों का मुनाफा कमा सकती है।