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जीरो बजट प्राकृतिक खेती या है?

जीरो बजट प्राकृतिक  खेती देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर आधारीत है। एक देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर जीरो बजट खेती कर सकता है। देसी जात के गौवंश के गोबर एवं गौमूत्र से जीवामृत , घनजीवामृत  तथा जामन बीजामृत  बनाया जाता है। इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषकतत्व की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है। जीवामृत  का महीने में एक अथवा दो बार छिड़काव किया जा सकता है। जबकि  बीजामृत  का इस्तेमाल  बीज को उपचारित करने में किया जाता है। इस विधि से खेती करनेवाले किसान को बाजार से किसी प्रकार की खाद और कीटनाशक रसायन ख़रीदने की जरुरत नहीं पड़ती है। फसलों की सिंचाई के लिए पानी एवं बिजली भी मौजूदा खेती-बाड़ी की तुलना में दस प्रतिशत ही खर्च होती है।