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प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) (PMKSY)

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) के रूप में सम्पदा (कृषि-समुद्री प्रसंस्करण और कृषि प्रसंस्करण समूहों के विकास के लिए योजना) के नामांकन को मंजूरी दे दी है। संपदा योजना को 14 वीं वित्त आयोग चक्र के साथ 2016-20 की अवधि के लिए मई 2017 में सीसीईए द्वारा अनुमोदित किया गया था। इस योजना का उद्देश्य कृषि को पूरक बनाना, प्रसंस्करण का आधुनिकीकरण करना और कृषि-अपशिष्ट को कम करना है। 

पीएमकेएसवाई एक छतरी योजना है जिसमें केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) की चल रही सभी योजनाएं शामिल हैं। इसमें एमओएफपीआई की योजनाएं शामिल हैं जैसे,   

•	मेगा फ़ूड पार्क्स 
•	कोल्ड चेन
•	खाद्य प्रसंस्करण एवं परिरक्षण क्षमताओं का सृजन/विस्तार
•	कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर अवसंरचना
•	बैकवर्ड और फारवर्ड लिंकेजों का सृजन
•	खाद्य संरक्षा एवं गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना
•	मानव संसाधन एवं संस्थान
 
वित्तीय आवंटन
पीएमकेएसवाई के पास 6000 रुपये का बजटीय आवंटन होगा और 31,400 करोड़ रुपये के निवेश का लाभ उठाने की उम्मीद है। 1,04,125 करोड़ मूल्यांकन के 334 लाख मीट्रिक टन कृषि उत्पादन का संचालन कर रहे है। इससे वर्ष 2019-20 तक देश में 2 मिलियन किसानों को लाभ होगा और देश में 5 लाख 30 हजार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

सार्थकता
प्रधान मंत्री किसान सम्पदा योजना एक व्यापक पैकेज है जिसके परिणामस्वरूप खेत से लेकर खुदरा बिक्री केंद्रों तक दक्ष आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के साथ आधुनिक अवसंरचना का सृजन होगा । इससे, देश में न केवल खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की वृद्धि को तीव्र गति प्राप्त होगी बल्कि यह किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने तथा किसानों की आय को दुगुना करने, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के भारी अवसरों का सृजन करने, कृषि उपज की बर्बादी में कमी लाने, प्रसंस्करण तथा प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात के स्तर को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा ।